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Monday, May 9, 2011

प्यार ,पागलपन ,दीवानगी या दरिंदगी

कल रात का मंजर अभी मुझे बैचेन किये है कल जो हुवा वह क्या था प्यार ,पागलपन ,दीवानगी या दरिंदगी मै समझ नहीं पा रहा हूँ रोज की तरह कल ११ बजे रात्री में सोने गया आखो में नींद नहीं थी
किसी को याद कर रहा था उसके बारे सोच रहा था उसे मुझ पे विश्वाश क्यों नहीं क्यों मुझसे डरती है क्यों और लोगो की तरह मुझे भी समझती है उसको मुझ पर यकीं क्यों नहीं है मै तो उसकी पूजा करता हूँ पर वह मुझे भीड़ की तरह समझती है उसके नजर में जेशे सब है वेशा ही मै पर मै क्या करू किसी की सोचने की नजरिया नहीं बदल सकता हूँ जो हूँ जेशा हूँ सब के सामने हूँ और मै नहीं बदलूँगा मुझे अपने आप से प्यार है यही सब बातो को सोच कर सोने की तेयारी कर रहा था तभी अचानक मेरे मोबाईल की घंटी बजी मेने जब हेल्लो कोन बोल रहा है तो उधर से आवाज आई सर मुझे बचा लीजिये नहीं तो मै मर जाउंगी पिलिज़ आप ही कुछ कर सकते है मै घबराह गया फिर लगा शायद मुझे कोई बेयकुफ़ बना रहा है मै बोंला बात क्या है पहले ये बताओ और रोना छोड़ो तुम कोन हो कहा से हो और तुम्हे हुवा क्या है तब उसने अपना नाम बताया फिर अपनी जो कहानी बताई सुन के मेरे होश उड़ गए मुझे तो यकीं ही नहीं हो रहा था की येसा भी कुछ हो सकता है उसने बताया की वह एक लड़का से प्यार करती थी जो उसके घर के पास ही रहता था लड़का भी उस से बहुत प्यार करता था दोनों का प्यार पिछले कई सालो से चलता आ रहा है इधर लड़की के घर वालो इन बातो का पता चल गया और उसकी शादी तय कर दी गई और उसकी शादी १०/०५/२०११ को होना था उसने लड़का को फोन करके सब बात बतादिया और बोली हम लोगो अब सचे दोस्त बन कर आजीवन रहेंगे में अपने घर वालो के विरुद्ध नहीं जा सकती और तुम मुझे माफ़ करना उन्होंने जहा मेरी शादी तय की है मै वही शादी करुँगी लड़का सब बात सुनने के बाद बोंला कोई बात नहीं तू मेरे किस्मत में नहीं इसीलिए येसा हो रहा है पर तू चिंता मत कर तू खुश रह तेरी ख़ुशी में मेरी ख़ुशी है ये सब बात सुन के लड़की रोने लगी और लड़का भी रोने लगा फिर लड़की बोली की में अब फोन रखने जा रही हूँ तो लड़का बोंला शादी से पहले मै जब बोलू तू मुझसे मिलने जरुर आना आखरी बार लड़की बोली ठीक है और लड़के ने शादी के एक दिन पहले यानी कल रात १० बजे मिलने के लिया बुलाया पहले तो लड़की से लिपट के खोब रोया फिर जब लड़की बोली मुझे अब जाना है कोई देख लेगा तो मुस्किल बढ़ जाएगी तब लड़के ने पहले छुपा कर रखे ब्लेड से लड़की चेहरे बार बुरी तरह से कई जगह काट दिया लड़की प्री तरह से लहू लुहान हो गई
तो लड़का बोंला की तू मेरी नहीं हूई तो किसी और का भी तुझे होने नहीं दूंगा और इतना कह कर लड़का वह से रफू चकर हो गया .और ये सब बता के लड़की रोने लगी और मै सोचने पर मजबूर होगया की मै करू तो क्या करू फिर में हिमत करके लड़की से पूछा तुम मुझे केसे जानती हो और मेरा नबर तुम्हे केसे मिला तो लड़की बोली मेरे भाई आपके दोस्त है और मै आपको बहुत अच्छे से जानती हूँ ये सुन कर मै और बचें हो गया फिर मेने बोंला तुम कहा हो उसने अपनी पता बताई मै बोंला तुम वही रुको मै अभी १० मिनट में आ रहा हूँ फिर मै सोचा मै करू तो करू क्या लड़की के घर वालो को सब बात बतादू या फिर लड़की को लेकर अस्पताल जाऊ फिर सोचा अगर लड़की को कुछ हो जाता है तो मै किस किस को जबाब देता फिरूंगा समझ में नहीं आ रहा था की करू तो क्या करू
फिर मेने सोचा उसने मुझ पर विशावश कर के फोन किया है उस विश्वाश को टूटने नहीं देना है मेने रक्सौल डी.एस.पि. को फोन लगाया और बोंला आप कहा है आपसे एक मदद लेनी है तो वह बोलो की हम अपने रूम पर है कोई खाश बात मेने बोंला समय बहुत कम है मै आपके पास आ रहा हुं आने पर बाता हूँ पूरी बात पर आप तैयार रहे हमे कही चलाना है वो बोले ठीक है आप आइये फिर मै उनके पास गया और जल्दी जल्दी पूरा मामला समझाया और फिर हम लड़की के पास गए और उसको अस्पताल में भर्ती करा दिए तब तक डी स पि साहब ने लड़की वालो को फोन कर के बुला लिया अस्पताल में और पूरी घटना बाता दी लड़की के घर वालो का रो रो कर बुरा हाल था लड़की के पापा बोल रहे थे की अब मै मर जाऊंगा अब में अपना मुह केसे किसी को दिखा पाउँगा मै कही किसी को अपना मुह दिखने लायक नहीं रह गया कल दरवाजे पर बरात माने वाली है और यहाँ लड़की अस्पताल में भर्ती है मै किसको कहा कहा जबाब देते फिरूंगा तब डी.एस.पि.साहब ने समझदारी देखते हुए लड़की के बाप को बोले आप लड़के वाले के पास फोन करे अभी और उनको पूरी सचाई बातये पूरा हादशे के सुनने के बाद वो क्या बोलते है ये आप मुझे बताये फिर उन्होंने फोन किया और पूरी बात लड़के वालो को बताई और लड़का से भी बात हुई लड़का सब सुनने के बाद भी शादी करने को तैयार था और लड़के के बाप ही शादी के लिये राजी थे ये सुन कर हम सभी को जान में जान आया और कुछ हमलोगों ने रहत की सास ली अब शादी आज होने वाली है मै ऊपर वाले से प्राथना कर रहा हूँ की सब शांति पूर्वक संपन हो जाये और किसी का घर बर्बाद होने से बच जाये

Thursday, June 3, 2010

बिहार यात्रा !!

बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार जी का यात्रा सबी के सर चढ़ कर बोल रहा हैं
पर ये यात्रा बिहारिओ के लिए नहीं हैं ये तो राजनीती का नया खेल हैं वोट बैंक का नया फंदा हैं
अगर ये विस्वाश यात्रा राजनीती से जुडा नहीं होता तो मनानिये मुख्यमंत्री जी को छेत्रिये चेनल को
इतना पैसा देने का क्या मतलब हैं सूत्र के अनुसार महुवा चेनल को 80 लाख दिया गया हैं वही etv bihar को 60 लाख दिया गया हैं साधना बिहार को भी पैसा दिया गया हैं पर ऑरो से कम दिया गया हैं इसलिए साधना वाले मुख्मंत्री से खार खाए हैं ये सभी पैसा विस्वाश यात्रा का लाइव दिखने के लिए दिया गया हैं बिहार में मनानिये मुख्मंत्री जी के खिलाफ बोलने की इजाजत कीसी चेनल या
कीसी भी न्यूज़ पेपर को नहीं हैं वरना अदद मिलना बंद हो जाएगा यहाँ तो सब बिकता हैं
ये हैं हमारे विकाश का राज .येसे हुवा हैं बिहार का विकाश सिर्फ न्यूज़ चेनल और पेपरों के द्वारा ही
बिहार का विकाश हो गया हैं यही की जानता अभी भी दुसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं
बिहार में अभी भी मंत्रियो की मनमानी चलती हैं वरना इरफ़ान नहीं पिटता क्योंकी पीटने वाला बी .न कोल्लेज का प्रिस्पल मंत्री का करीबी हैं ये सब से जीता जागता बिहार का उद्धरण हैं

Thursday, May 13, 2010

जुबान संभाल के

नितिन गडकरी जी ने आज अपमान जनक शब्धो का प्रयोग किया जो की बहुत ही श्रम की बात हैं
पर भला हो जो लगे हाथ उन्होंने माफ़ी भी मान ली .ये शब्दों का प्रयोग राजनीती मैं नहीं करनी चाहिए पर लालू और मुलायम सिंह को भी सोचनी चाहिये की सिर्फ वही अप्सब्द भास् का प्रयोग नहीं कर सकते हैं और लोग भी हैं जो निका प्रयोग करना जानते हैं लालू जी ने आपने कठोर बातो से किसे नहीं आहत किया हैं बरुन गाँधी के छाती पर बैठ कर बुल्दोजेर चलाने की बात लगता हैं सायद ओ भूल गए हैं नीतिस कुमार और लालन सिंह के बरे मैं उनकी पत्नी ने जो कहा था क्या ओ ठीक था नहीं जब आप दुसरो को गाली देंगे तो गाली सुनने का आदत डालना होगा .
वरना आप पहले अपना जुबां संभालिये फीर दुसरे को नसीहत दीजिएगा ..
इस काम के लिए मुलायम सिंह जी तो पहले से ही बहके हुए हैं .

Wednesday, April 14, 2010

माओवादी के जनमुक्ति सेना

काठमाण्डू/ सिर्फ राजनीतिक दलों के कह देने भर से माओवादी के जनमुक्ति सेना का नेपाल की राष्ट्रीय सेना में समायोजन नहीं हो सकता है। यह बयान है नेपाली सेना के पूर्व प्रधान सेनापति रूकमांगद कटवाल का। कटवाल का यह बायान ऐसे समय आया है जब लगभग सभी राजनीतिक दल सेना समायोजन के लिए विचार-विमर्श कर रहे है। दलों मे सेना समायोजन संविधान जारी होने से पहले हो या बाद में हो इस बात पर विवाद बना हुआ है ।

लेकिन ऐसे ही समय नेपाली सेना के पूर्व प्रधान सेनापति कटवाल का यह बयान नेपाली राजनीति में बहस का नयां मुद्दा बना दिया है। कटवाल ने आज सुबह अपने निवास पर कुछ पत्रकारों को बुलाकर यह बयान दिया है। कटवाल ने साफ शब्दों में कहा है कि सेना समायोजन का मुद्दा देश की आन्तरिक व बाह्य सुरक्षा से जुडी है । इसलिए बिना सेना को विश्वास में लिए समायोजन की बात भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में बता दिया कि माओवादी के सेना का सामूहिक समायोजन तो दूर की बात है व्यक्तिगत समायोजन भी नही हो सकता है।

कटवाल ने इसका कारण बताते हुए कहा कि माओवादी के लडाकु एक वाद के भीतर रहकर प्रशिक्षण लिया है। उन्हें इस ढंग से प्रशिक्षित किया गया है कि वो हमेशा अपनी पार्टी के प्रति ही वफादार रहेंगे। जबकि नेपाली सेना नेपाली जनता के प्रति समर्पित संस्था है। इसलिए सेना समायोजन पर राजनीतिक दलों को विचर करना चाहिए। यदि जबर्दस्ती सेना समायोजन किया गया तो नेपाली सेना में विद्रोह होने से कोई नहीं रोक सकता है। कटवाल ने कहा कि मैं भी नेपाली सेना का प्रधान सेनापति रह चुका हूं। मैं इस बात को अच्छी तरह से जानता हूं कि नेपाली सेना का कोई भी जवान यह नहीं चाहता है कि विद्रोही पार्टी के सेना का समायोजन हमारी सेना में किया जाय।

कटवाल ने यह भी खुलासा किया कि यदि राजनीतिक दल जर्दस्ती सेना समायोजन ़इ बात नेपाली सेना पर लादने की कोशिश करेंगे तो सेना भी उसकी तैयारी के लिए बैठा हुआ है। कटवाल ने कहा कि उसकेबाद जो परिस्थिति होगी उसके लिए नेता ही जिम्मेवार होंगे। कटवाल ने खून खराबे होने तक की चेतावनी दे डाली। देश में राष्ट्रपति शासन या सैनिक शासन की बात पर उन्होंने कह कि हमारे संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नही है।

प्यार

प्यार पुण्य है पाप नहीं

प्यार अहसास है वस्तु नहीं

प्यार भावना है सामग्री नहीं

प्यार कशिश है कोशिश नहीं

प्यार विश्वास है अविश्वासी नहीं

प्यार निस्वार्थ है स्वार्थी नहीं

प्यार आत्मा है आत्म हत्या नहीं

प्यार त्यौहार है मेला नहीं

प्यार राज़ है राजनीति नहीं

प्यार कठिन है सरल नहीं

प्यार पवित्र है कलंकित नहीं

प्यार सच्चा है झूठा नहीं

प्यार सीमित है पाबंद नहीं

प्यार जीवन है म्रत्यु नहीं

प्यार त्याग है

प्यार कटु है कठोर नहीं

प्यार सौहाद्र है मखौल नहीं

प्यार समझ है समझौता नहीं

प्यार तपस्या है तसल्ली नहीं

प्यार निस्वार्थ है वहशी नहीं

प्यार साधना है साधन नहीं

प्यार कल्पना है सिद्धांत नहीं

प्यार मन में है शरीर में नहीं !!!!!

Tuesday, April 13, 2010

तुम और सिर्फ तुम

निगाहों में तुम हो ख्यालो में तुम हो यह जन्नत नहीं है तो फिर और क्या है
मेरे दिल को जो दर्द तुमने दिए है मोहब्बत नहीं है तो फिर और क्या है
तुम्हारी दया की नज़र देखते है नज़र का अनोखा असर देखते है
निगाहों से पल में वो दिल का बदलना यह हरकत नहीं है तो फिर और क्या है
मेर दिल में तुमने जो कुछ कर दिया है जहर की जगह अमृत भर दिया है
मेर दिल में तुमने जो कुछ कर दिया है जहर की जगह अमृत भर दिया है
तुम्हारी मधुर मुस्कराहट के पीछे शरारत नहीं है तो फिर और क्या है
ये माना की मेरी जरूरत नहीं है मगर प्यारे तेरी जरूरत है मुझको
वो मीठी सी बातो से मन मोह लेना ये चाहत नहीं है तो फिर और क्या है
मेरी सारी बिगडी बनाई है तुमने मेरी ज़िन्दगी जगमगाई है तुमने
जहाँ था अँधेरा वही रोशनी है ये इनायत नहीं है तो फिर है क्या है
निगाहों में तुम हो ख्यालो में तुम हो यह जन्नत नहीं है तो फिर और क्या है