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aaj kal har jagh chhetr waad se sabhi garsit hain hamare neta desh ko todne ka kaam kar rahe hain jabki inhe desh jodne ka kaam karnaa chahi...
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कल रात का मंजर अभी मुझे बैचेन किये है कल जो हुवा वह क्या था प्यार ,पागलपन ,दीवानगी या दरिंदगी मै समझ नहीं पा रहा हूँ रोज की तरह कल ११ बजे रा...
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इस पथ का उद्देश्य नहीं शांत भवन में टिक कर रहना.... किन्तु जाना उस सीमा तक ....जिसके आगे कोई राह नहीं.... आँखों की बूंदों का आशय नहीं...अंतर...
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पाकिस्तान में बसे अल्पसंख्यकों ने पिछले दिनों दो दिन का एक सम्मेलन किया था जिसमें हिन्दू, ईसाई, सिख और मिर्जा हुसैन अली नमूरी बेतुत्लाह के...
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बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार जी का यात्रा सबी के सर चढ़ कर बोल रहा हैं पर ये यात्रा बिहारिओ के लिए नहीं हैं ये तो राजनीती का नया खेल हैं...
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लो जरा अपनी खबर भी एक नज़र देखो इधर भी ठग हुए तो का हुआ, आज हमरे जेसन जीगर वाले कहाँ जख्म खाया है तब हुए है जवाँ, केसे रुक जायेंगे किसी चिलमन...
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प्यार पुण्य है पाप नहीं प्यार अहसास है वस्तु नहीं प्यार भावना है सामग्री नहीं प्यार कशिश है कोशिश नहीं प्यार विश्वास है अविश्वासी नहीं प्यार...
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निगाहों में तुम हो ख्यालो में तुम हो यह जन्नत नहीं है तो फिर और क्या है मेरे दिल को जो दर्द तुमने दिए है मोहब्बत नहीं है तो फिर और क्या है त...
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अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न
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काठमाण्डू/ सिर्फ राजनीतिक दलों के कह देने भर से माओवादी के जनमुक्ति सेना का नेपाल की राष्ट्रीय सेना में समायोजन नहीं हो सकता है। यह बयान है ...
Saturday, June 21, 2008
लो जरा अपनी खबर भी एक नज़र देखो इधर भी ठग हुए तो का हुआ, आज हमरे जेसन जीगर वाले कहाँ जख्म खाया है तब हुए है जवाँ, केसे रुक जायेंगे किसी चिलमन से हम,हमने बांधा है अपने दिल को जुल्म कि जंजीरों से में नहीं प्यारे कोई मामूली बन्दा वेसे हमरा अंदाज़ दुनिया से अजीब है हमरे गुरु ने कहा की चेले घबरा मत तुमरा बदलने वाला नसीब है,पर का कहे ना जाने वो समय कब आएगा सोच सोच कर बहुत रोमांचित होता हूँ hmmmmm hmmmmmm और का बताये अपना बारा मा बस इतना काफी है और हमरा से बतियाओगे और हमरा से गुफतगु करोगे तो ही हमरी जुस्तजू का पता लगेगा की हम कोनो प्रकार और कोनो किस्म का इन्सान हूँ और हमरे विचार कतने महान है हमरा से सम्पर्क में रहोगे तो थोडा बहुत जान सकोगे हमरे बारे मा कि हम कतना बड़ा रुस्तम हूँ छुपा हुआ.......और हमरा जो ये अंदाज़ है वो राज़ की ये एक बात है, राज़ की बात अगर कह दू तो जाने महफ़िल में फिर क्या हो राज़ खुलने से पहले तुम अपना अंजाम सोच लो इशारो को अगर समझो राज को राज रहने दो sssshshshshsh जो नावाकिफ है हमरा से वो समझ लो hmmmmmm hmmmmmmm
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